जयपुर से ऐतिहासिक परिवर्तन की दिशा में बड़ा कदम।
By Shubh Bhaskar ·
18 Feb 2026 ·
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जयपुर से ऐतिहासिक परिवर्तन की दिशा में बड़ा कदम।
*नागपाल शर्मा माचाड़ी की रिपोर्ट*
(माचाड़ीअलवर):- जयपुर- अखिल भारतीय गौशाला सहयोग परिषद के अंतरराष्ट्रीय संयोजक डॉ. अतुल गुप्ता ने राजस्थान विधानसभा में गौ-संरक्षण को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी से शिष्टाचार भेंट की। उन्होंने राज्य में गौ-पालन संवर्धन, गौ-संरक्षण तथा गौ-आधारित प्राकृतिक एवं जैविक कृषि पर विशेष सत्र आयोजित करने की मांग रखी।
क्यों राजस्थान बन सकता है देश का प्राकृतिक कृषि केंद्र?
डॉ. गुप्ता ने कहा कि 20वीं पशुगणना के अनुसार प्रदेश में लगभग 5.68 करोड़ पशुधन तथा करीब 1.39 करोड़ गोवंश उपलब्ध है, जो प्राकृतिक खेती की मजबूत आधारशक्ति है। कृषि एवं संबद्ध क्षेत्र राज्य की लगभग 27–29 प्रतिशत जीडीपी में योगदान देता है और 54 प्रतिशत से अधिक कार्यबल को रोजगार प्रदान करता है। ऐसे में जैविक एवं प्राकृतिक खेती की ओर परिवर्तन का सीधा सकारात्मक प्रभाव राज्य की अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में प्रदेश के लगभग 2.5 लाख किसान प्राकृतिक खेती से जुड़े हैं, जो इस दिशा में मजबूत शुरुआत को दर्शाता है।
रोजगार और गौशालाओं पर संभावित प्रभाव
डॉ. गुप्ता ने कहा कि गौ-आधारित जैविक खाद, पंचगव्य, औषधीय उत्पाद, प्रसंस्करण और निर्यात गतिविधियों से लाखों ग्रामीण युवाओं को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार मिल सकता है। पशुधन आधारित आय खेती की कुल आय का 20–30 प्रतिशत तक योगदान बढ़ा सकती है, जिससे गौशालाएं दान-निर्भरता से निकलकर स्वावलंबी ग्रामीण आर्थिक केंद्र बन सकेंगी।
उन्होंने यह भी कहा कि एग्रो-प्रोसेसिंग, वैल्यू एडिशन और जैविक ब्रांडिंग के माध्यम से राजस्थान की जीडीपी वृद्धि, ग्रामीण आय और निर्यात को नई गति मिल सकती है।
राजस्थान के लिए व्यापक लाभ
मिट्टी की उर्वरता, जल संरक्षण और पर्यावरण संतुलन में सुधार
किसानों की लागत में कमी और आय में स्थायी वृद्धि
“ऑर्गेनिक राजस्थान” के रूप में राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय पहचान एवं निवेश के अवसर
हाल के दिनों में गौ-संरक्षण के मुद्दे पर सदन और राजनीतिक गलियारों में सक्रिय चर्चा जारी है। ऐसे में यदि इस विषय पर विशेष सत्र आयोजित होता है, तो गाय को राज्य माता का दर्जा सर्वसम्मति से दिए जाने का मार्ग भी प्रशस्त हो सकता है।
इस अवसर पर पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद सी.पी. जोशी, कोटा दक्षिण विधायक संदीप कुमार शर्मा तथा परिषद प्रतिनिधि संजय पथरिया भी उपस्थित रहे। बैठक में ग्रामीण विकास, किसानों की आय वृद्धि, गौशालाओं का स्वावलंबन, जैविक कृषि विस्तार तथा राजस्थान को चरणबद्ध रूप से जैविक प्रदेश बनाने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई।
डॉ. अतुल गुप्ता ने विधानसभा अध्यक्ष को भारतीय सांस्कृतिक परंपरा के प्रतीक स्वरूप गौमाता भेंट कर सम्मानित किया, वहीं सांसद सी.पी. जोशी एवं विधायक संदीप कुमार शर्मा ने दुपट्टा ओढ़ाकर अभिनंदन किया। प्रतिनिधिमंडल द्वारा विशेष सत्र बुलाने के आग्रह पर विधानसभा अध्यक्ष ने विषय की गंभीरता स्वीकार करते हुए सकारात्मक पहल का आश्वासन दिया।
डॉ. गुप्ता ने विश्वास व्यक्त किया कि समन्वित नीतिगत निर्णयों के साथ राजस्थान देश का अग्रणी गौ-आधारित जैविक एवं प्राकृतिक कृषि मॉडल राज्य बन सकता है, जो किसान समृद्धि, ग्रामीण रोजगार, पर्यावरण संरक्षण और मजबूत अर्थव्यवस्था की दिशा में ऐतिहासिक सिद्ध होगा।
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