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स्वास्थ्य केंद्र गुरसरांय में स्वास्थ्य मंत्री के आदेशों की उड़ी धज्जियां स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी नहीं सुन रहे मरीजों की फरियाद..

By Shubh Bhaskar · 17 Jan 2026 · 28 views
स्वास्थ्य केंद्र गुरसरांय में स्वास्थ्य मंत्री के आदेशों की उड़ी धज्जियां


स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी नहीं सुन रहे मरीजों की फरियाद..


दैनिक शुभ भास्कर उत्तर प्रदेश झांसी गुरसरांय स्वास्थ्य मंत्री व डिप्टी सीएम बृजेश पाठक द्वारा 18 दिसंबर 2025 को स्वास्थ्य विभाग की जमीनी हकीकत जानने के लिए झांसी जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गुरसरांय का निरीक्षण किया था जिसमें मौके पर कई गंभीर अनियमितताएं पाई गई थी जिसको उन्होंने गंभीरता से लेकर कडे़ लहजे में सीएमओ झांसी और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को जल्द सुधारने के आदेश दिए थे लेकिन इसमें सुधार होने की जगह दिन प्रतिदिन स्थिति बिगड़ती जा रही है यहां पर तैनात प्रभारी चिकित्सा अधिकारी से लेकर कई दशकों से तैनात अस्थाई तौर से वित्तीय काम देखने वाले एक कर्मी द्वारा लग रहा है आर्थिक घोटाले के चलते सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गुरसरांय की कई व्यवस्थाओं से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों की स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं और पीड़ितों की फरियाद सुनने वाला कोई नहीं है जिले से इस विभाग का पूरा सिस्टम चुप्पी साधे हुए है और खामयाजा जनता को भुगतना पड़ रहा है बताते चलें दर्जनों मरीजों को सरकारी अस्पताल में इलाज न कर उन्हें प्राइवेट अस्पतालों में अथवा जानबूझकर झांसी रेफर कर दिया जाता है इससे लग रहा है स्वास्थ्य सेवाएं गुरसरांय में पूरी तरह ठप्प हो गई हो ऐसे में उपमुख्यमंत्री स्वास्थ्य मंत्री बृजेश पाठक के गुरसरांय निरीक्षण के बाद तस्वीर उभरी है। बताते चलें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गुरसरांय में मूलभूत स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी एक बार फिर सामने आई है। बिजली आपूर्ति न होने के कारण अस्पताल में एक्सरे सेवा पूरी तरह ठप रही,जिससे मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। जानकारी के अनुसार नई वस्ती गुरसरांय निवासी जुबेर पुत्र बकील उम्र 24 वर्ष शनिवार को दोपहर लगभग 1:00 बजे एक्सरे करवाने के लिए गुरसरांय अस्पताल पहुंचे थे,लेकिन घंटों इंतजार के बाद भी उनका एक्सरे नहीं हो सका। अस्पताल में तैनात एक्सरे कर्मचारी संदीप ने बताया कि विद्युत सप्लाई न आने के कारण एक्सरे मशीन कार्य नहीं कर रही है।इस स्थिति ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सवाल यह उठता है कि यदि पूरे दिन बिजली आपूर्ति बाधित रही तो क्या मरीजों को पूरे दिन इलाज और जांच की सुविधाओं से वंचित रहना पड़ेगा? जब अस्पताल में जनरेटर की व्यवस्था मौजूद है, तो उसे चालू करने में लापरवाही क्यों बरती जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जिम्मेदार अधिकारियों को इस बात का जवाब देना चाहिए कि क्या जनरेटर संचालन के लिए मिलने वाला अतिरिक्त भुगतान सही तरीके से उपयोग में लाया जा रहा है या नहीं। मरीजों को मजबूरन निजी जांच केंद्रों का रुख करना पड़ता है, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ता है। क्षेत्रवासियों ने उच्चाधिकारियों से मांग की है कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गुरसरांय में बिजली व्यवस्था और वैकल्पिक संसाधनों को दुरुस्त किया जाए, ताकि भविष्य में मरीजों को इस तरह की परेशानी न झेलनी पड़े।

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