जिस संस्थान के पालनहार जिला कलेक्टर, सम्भागीय आयुक्त एवम एडीजे साब रहे उस संस्थान का अनुदान आज तक लंबित हाइकोर्ट की शरण मे होने से संस्थान गुजर रहा है विषम परिस्थितियों से
By Shubh Bhaskar ·
11 Jan 2026 ·
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जिस संस्थान के पालनहार जिला कलेक्टर, सम्भागीय आयुक्त एवम एडीजे साब रहे उस संस्थान का अनुदान आज तक लंबित
हाइकोर्ट की शरण मे होने से संस्थान गुजर रहा है विषम परिस्थितियों से
विशाखा व्यास/दैनिक शुभ भास्कर/राजस्थान/उदयपुर
झाड़ोल उपखण्ड के ओंगना गांव की लवीना संस्थान के हाइकोर्ट की शरण में जाने से क्या हुआ-
1-संस्थान का स्वीकृत भूमी आवंटन रुका।
2-अनावर्तक मद का स्वीकृत अनुदान-454500/-आज तक नहीं मिला।
3-हाइकोर्ट में दायर याचिका का अनुदान-9264527/-के पेटे सिर्फ -60122/-ही मिले।
4-ओपन शेल्टर होम, ओंगना आज भी माननीय उच्च न्यायालय, जोधपुर के स्थगन आदेश से संचालित है।
5-संस्थान के हाइकोर्ट में होने से विभाग का सौतेला व्यवहार रहता है।
6-वर्तमान में संचालित शेल्टर होम का भी जनवरी 2024 से अब तक अनुदान बाकी होने से संस्थान को आर्थिक संकट से गुजरना पड़ रहा है।
कभी कांग्रेस राज में श्री गुलाब चंद जी कटारिया व श्री बाबूलाल खराड़ी ने विधानसभा में लवीना संस्थान के अनुदान का मुद्दा उठाया था।आज इनकी सरकार है।संस्थान ने विभाग पर कंटेम्प्ट ऑफ कोर्ट के आदेश भी कराए है फिर भी अनुदान कब मिलेगा इसी आस में आज भी शेल्टर होम संचालित है।