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कड़कड़ाती ठंड में नगर निगम की ‘बसेरा वाहिनी’ बनी देवदूत अपनों से बिछड़ी युवती को सुरक्षित परिवार से मिलाया।

By Shubh Bhaskar · 06 Jan 2026 · 37 views
कड़कड़ाती ठंड में नगर निगम की ‘बसेरा वाहिनी’ बनी देवदूत
अपनों से बिछड़ी युवती को सुरक्षित परिवार से मिलाया।

*नागपाल शर्मा माचाड़ी की रिपोर्ट*

(माचाडीअलवर):- अलवर- अलवर भीषण सर्दी के प्रकोप के बीच,जब आम जनजीवन अस्त- व्यस्त है,ऐसे समय में नगर निगम अलवर की ‘बसेरा वाहिनी’ बेसहारा और जरूरतमंदों के लिए देवदूत बनकर सामने आई है। मानवता का परिचय देते हुए बसेरा वाहिनी की टीम ने न केवल एक अपनों से बिछड़ी युवती को ठंड से सुरक्षित बचाया, बल्कि कड़ी मशक्कत के बाद उसे उसके परिजनों से मिलाकर एक परिवार की खुशियाँ लौटा दीं।
घटना रविवार देर रात की है,जब नगर निगम के कंट्रोल रूम को सूचना प्राप्त हुई कि घंटाघर स्थित सब्जी मंडी के पास एक युवती लावारिस हालत में इधर-उधर घूम रही है। कड़कड़ाती ठंड और असुरक्षित वातावरण को देखते हुए बसेरा वाहिनी की टीम तत्काल मौके पर पहुँची और युवती को सुरक्षित रेस्क्यू कर नगर निगम द्वारा संचालित रैन बसेरे में पहुँचाया गया।
प्रारंभ में युवती अत्यधिक घबराई हुई थी और अपना पता या पहचान बताने में असमर्थ रही। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए शहर कोतवाली पुलिस को सूचना दी गई। युवती के पास मिले आधार कार्ड से शुरुआत में भ्रम की स्थिति उत्पन्न हुई, क्योंकि वह आधार कार्ड युवती की किसी सहेली का निकला।
हालाँकि पुलिस और नगर निगम की टीम ने हार न मानते हुए उसी आधार कार्ड को सुराग बनाया। सहेली के परिजनों से संपर्क साधकर कड़ी से कड़ी जोड़ी गई और अंततः युवती के वास्तविक माता-पिता का पता लगा लिया गया। देर रात जब युवती अपने परिवार से मिली, तो परिजनों की आँखों में खुशी के आँसू छलक पड़े।
गौरतलब है कि नगर निगम द्वारा संचालित बसेरा वाहिनी सर्दी के मौसम में जरूरतमंदों और बेसहारा लोगों के लिए सुरक्षा कवच का कार्य कर रही है। टीम प्रतिदिन रात के समय शहर के प्रमुख चौराहों,बस स्टैंडों और सार्वजनिक स्थानों पर गश्त कर खुले आसमान के नीचे सोने वाले लोगों को चिन्हित करती है और उन्हें रैन बसेरों तक पहुँचाती है। साथ ही,अपनों से बिछड़े लोगों को उनके घर तक पहुँचाने में भी टीम सक्रिय भूमिका निभा रही है। नगर निगम और पुलिस की इस संवेदनशील और तत्पर कार्यप्रणाली ने यह साबित कर दिया है कि यदि सरकारी तंत्र मानवीय दृष्टिकोण के साथ कार्य करे, तो कोई भी व्यक्ति स्वयं को बेसहारा महसूस नहीं करेगा।

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