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महाशिवरात्रि पर्व का अनोखा रहस्य बताया गौ पुत्र धर्म दास महाराज ने।

By Shubh Bhaskar · 16 Feb 2026 · 10 views
महाशिवरात्रि पर्व का अनोखा रहस्य बताया गौ पुत्र धर्म दास महाराज ने।

*नागपाल शर्मा माचाड़ी की रिपोर्ट*

(माचाड़ीअलवर):- लखनऊ- पवित्र पर्व महाशिवरात्रि पर देशभर में भगवान शिव की आराधना धूमधाम से की जा गई। इसी अवसर पर गौ पुत्र धर्म दास महाराज, राष्ट्रीय अध्यक्ष, ब्रजवासी गौ रक्षक सेना भारत संगठन, आगरा से लखनऊ स्थित कार्यालय पहुंचे। यहां उन्होंने उत्तर प्रदेश अध्यक्ष संत प्रकोष्ठ गौ पुत्र ओमप्रकाश विश्वकर्मा के साथ शिव मंदिर परिसर में विशेष पूजा-अर्चना की।
शाम आठ बजे गौ पुत्र ओमप्रकाश विश्वकर्मा ने भगवान शिव के शिवलिंग पर जल से भरा कलश धारण किया। इस अवसर पर दोनों संतों ने श्रद्धालुओं को महाशिवरात्रि पर जल का घड़ा रखने और कार्तिक मास में उसे हटाने की परंपरा का आध्यात्मिक रहस्य विस्तार से बताया।
*महाशिवरात्रि पर जल कलश रखने का महत्व*
गौ पुत्र धर्मदास महाराज ने बताया कि महाशिवरात्रि के दिन जल से भरा घड़ा रखना अत्यंत शुभ माना जाता है।
शिवलिंग पर जलाभिषेक: इस दिन भगवान शिव का जलाभिषेक विशेष फलदायी होता है। घड़ा रखने से निरंतर अभिषेक हेतु जल उपलब्ध रहता है।
*शीतलता और शांति का प्रतीक*- जल को शांति और संतुलन का प्रतीक माना गया है। शिवलिंग पर जल चढ़ाने से भगवान शिव की उग्र ऊर्जा शांत होती है।
*पापों का नाश और मोक्ष की प्राप्ति*- शिव पुराण सहित अन्य ग्रंथों में उल्लेख है कि महाशिवरात्रि पर जलाभिषेक से पापों का क्षय होता है और पुण्य की प्राप्ति होती है।
*आत्म-शुद्धि*- जलाभिषेक से मन और आत्मा की शुद्धि होती है तथा भक्त भगवान शिव के निकट आता है।
उन्होंने बताया कि जल का घड़ा ५भगवान शिव की कृपा का प्रतीक है, जिसे भरकर रखने से जीवन की बाधाएं और संकट दूर होते हैं।
*कार्तिक मास में जल घड़ा हटाने का रहस्य*
महाराज ने कहा कि हिंदू पंचांग के कार्तिक मास (अक्टूबर-नवंबर) में शिवलिंग से जल का घड़ा हटाने की परंपरा भी विशेष महत्व रखती है।
इस मास में भगवान शिव की उग्र ऊर्जा शांत मानी जाती है, इसलिए शीतलता की आवश्यकता नहीं रहती।
पूजा विधि में परिवर्तन के अनुसार शिवलिंग को सूखा रखा जाता है।
ऐसा करने से भगवान शिव प्रसन्न होकर भक्तों को आशीर्वाद प्रदान करते हैं।
*नंदी महाराज का महत्व*
इस अवसर पर गौ पुत्र धर्म दास महाराज ने नंदी महाराज के महत्व पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि नंदी भगवान शिव के परम भक्त और वाहन हैं, जो सदैव शिवभक्ति और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते हैं।
अंत में उन्होंने समस्त भारतवासियों से गौवंश की सेवा और रक्षा करने की अपील करते हुए कहा कि गौ सेवा ही सच्ची शिव सेवा है। महाशिवरात्रि के इस पावन अवसर पर श्रद्धालुओं ने भक्तिभाव से पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि की कामना!

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