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सुनियोजित षड्यंत्र का आरोप: निर्दोष जिलाध्यक्ष का निलंबन निरस्त करने की उठी मांग

By Shubh Bhaskar · 04 Feb 2026 · 31 views
सुनियोजित षड्यंत्र का आरोप: निर्दोष जिलाध्यक्ष का निलंबन निरस्त करने की उठी मांग
ईर्ष्या और दुर्भावना के चलते पूर्व अनुदेशक ने रची साजिश, झूठी शिकायतों के आधार पर हुई कार्रवाई—राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ
दैनिक शुभ भास्कर सुरज सिंह राजपूत उत्तर प्रदेश बुंदेलखंड ललितपुर।
राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ उत्तर प्रदेश ने संगठन के जिलाध्यक्ष रविकांत ताम्रकार के विरुद्ध की गई निलंबन की कार्रवाई को एक सुनियोजित षड्यंत्र बताते हुए इसे तत्काल निरस्त करने की मांग की है। महासंघ का आरोप है कि यह कार्रवाई एक पूर्व अनुदेशक इकलाख अहमद द्वारा ईर्ष्या और द्वेषभाव के चलते कराई गई झूठी व निराधार शिकायतों के आधार पर की गई है।
महासंघ के अनुसार इकलाख अहमद, जो पूर्व माध्यमिक विद्यालय झरकौन, विकास खण्ड बिरधा में अनुदेशक के पद पर कार्यरत था, को शैक्षिक सत्र 2025–26 में अनुशासनहीनता, खराब आचरण, अनुपस्थिति और विद्यालयी वातावरण को दूषित करने के कारण संविदा नवीनीकरण से वंचित किया गया था। तत्कालीन जिलाधिकारी द्वारा गोपनीय आख्या और ठोस साक्ष्यों के आधार पर यह निर्णय लिया गया।
इसके बाद से ही इकलाख अहमद द्वारा संगठन के जिलाध्यक्ष रविकांत ताम्रकार के विरुद्ध लगातार झूठी शिकायतें कराए जाने का आरोप लगाया गया है। महासंघ का कहना है कि आरोपी व्यक्ति ग्राम झरकौन में अपने कुछ सहयोगियों के साथ मिलकर ग्रामवासियों को गुमराह कर रहा है और शिकायतों की तिथियां तक उसकी स्वयं की हस्तलिपि में पाई गई हैं।
महासंघ ने यह भी आरोप लगाया कि इकलाख अहमद पूर्व में बीएलओ रह चुका है और ग्राम प्रधान सहित कुछ प्रभावशाली लोगों से उसके निकट संबंध रहे हैं, जिनका दुरुपयोग कर वह दबाव बनाने का प्रयास कर रहा है। मोबाइल लोकेशन के माध्यम से उसके बार-बार विद्यालय क्षेत्र में आने के प्रमाण जुटाए जा सकते हैं।
संगठन ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि इकलाख अहमद द्वारा पूर्व में विद्यालयी माहौल को दूषित करने, शिक्षकों को डराने-धमकाने, ब्लैकमेल करने, मानसिक उत्पीड़न करने तथा एक महिला अनुदेशिका के साथ अश्लील हरकत और चरित्र हनन जैसी घटनाएं की जा चुकी हैं। इस संबंध में पीड़िता द्वारा उच्चाधिकारियों और पुलिस को लिखित शिकायतें दी गई हैं, जिनकी प्रतियां उपलब्ध कराई गई हैं।
महासंघ का दावा है कि पूर्व माध्यमिक विद्यालय झरकौन में सभी शिक्षक समय से विद्यालय आते-जाते हैं, नियमित रूप से शिक्षण कार्य होता है, पाठ्यक्रम पूर्ण कराया गया है और विद्यार्थियों की कार्यपुस्तिकाएं भरी हुई हैं। शिक्षकों पर लगाए गए मोबाइल दुरुपयोग, कक्षा में न पढ़ाने और दुर्व्यवहार जैसे आरोपों को संगठन ने पूरी तरह असत्य और दुर्भावनापूर्ण बताया है।
राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने यह भी बताया कि इस पूरे षड्यंत्र की जानकारी पूर्व में कई बार उच्चाधिकारियों को लिखित रूप में दी जा चुकी है, इसके बावजूद जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा दुर्भावना से प्रेरित होकर जिलाध्यक्ष के निलंबन की कार्रवाई की गई।
महासंघ ने सांसद, मंडलायुक्त, जिलाधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी से मांग की है कि निर्दोष एवं कर्तव्यनिष्ठ जिलाध्यक्ष रविकांत ताम्रकार के विरुद्ध की गई निलंबन की कार्रवाई को तत्काल निरस्त किया जाए, तथा झूठी शिकायतें करने वालों के विरुद्ध निष्पक्ष जांच कर सख्त कार्रवाई की जाए।

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