एनईबी विस्तार योजना ठप, अवार्ड की जमीन पर अब तक नहीं हुई कोई ठोस कार्यवाही।
By Shubh Bhaskar ·
04 Feb 2026 ·
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एनईबी विस्तार योजना ठप, अवार्ड की जमीन पर अब तक नहीं हुई कोई ठोस कार्यवाही।
*नागपाल शर्मा माचाड़ी की रिपोर्ट*
(माचाड़ीअलवर):- अलवर- हाउसिंग बोर्ड की लचर कार्यप्रणाली के चलते एनईबी विस्तार योजना वर्षों से अधर में लटकी हुई है। अवार्ड घोषित होने के बावजूद करीब 92 बीघा 11 बिस्वा जमीन पर न तो कब्जा लिया गया और न ही खातेदारों को मुआवजा दिया गया। इसके कारण योजना का विकास कार्य पूरी तरह ठप पड़ा हुआ है और क्षेत्र में अव्यवस्थित बसावट बढ़ती जा रही है।
जानकारी के अनुसार खसरा संख्या 2207 से 2250 ग्राम अलवर नंबर-1 तथा खसरा संख्या 175 से 180 ग्राम किटोड़ा की जमीन आवासन मंडल द्वारा अधिग्रहित की गई थी। लेकिन मंडल इन जमीनों पर न तो विकसित भूखंड उपलब्ध करा पाया और न ही संबंधित मामलों में न्यायालय में आवश्यक राशि जमा कराई गई। परिणामस्वरूप इन खसरों पर किसी प्रकार का निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका।
बताया जा रहा है कि आवासन मंडल की निष्क्रियता के चलते खातेदारों ने इन जमीनों पर स्वयं प्लॉट काटकर बिक्री शुरू कर दी, जिससे धीरे-धीरे वहां बसावट भी होने लगी। वर्ष 2023 के सर्वे के अनुसार खसरा संख्या 2207 से 2215 तथा 2239 से 2241 तक की जमीन पर अब भी बसावट नहीं है, इसके बावजूद मंडल द्वारा किसी प्रकार की कार्यवाही नहीं की गई।
इसी तरह एनईबी विस्तार क्षेत्र में कई खसरों पर 50 से 70 प्रतिशत तक निर्माण कार्य हो चुका है, जबकि शेष जमीन खाली पड़ी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि आवासन मंडल को खाली जमीन पर कॉलोनी विकसित कर राजस्व अर्जित करना चाहिए, जिससे नई कॉलोनियों के विकास को गति मिल सके और क्षेत्रवासियों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हो सकें। साथ ही अवार्ड की गई जमीन पर बने मकानों को पट्टे देकर आमजन को राहत देने की मांग भी उठ रही है।
उल्लेखनीय है कि एनईबी विस्तार योजना वर्ष 1996 से अटकी हुई है। हाउसिंग बोर्ड की आपत्तियों के चलते यहां आधारभूत सुविधाओं का विस्तार नहीं हो सका, जिसका खामियाजा करीब 300 परिवार भुगत रहे हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि आवासन मंडल इस जमीन पर विकास कार्य करने में सक्षम नहीं है तो जमीन को अवार्ड मुक्त किया जाए, ताकि आम जनता को इसका लाभ मिल सके।
इधर एनईबी एक्सटेंशन ट्रांसपोर्ट नगर के सेक्टर ०1 से ०7 में भी कई भूखंड खाली पड़े हैं, जहां गंदगी और अतिक्रमण की समस्या बनी रहती है। वर्ष 2017 में कुछ खाली प्लॉटों की नीलामी हुई थी, लेकिन अब भी बड़ी संख्या में भूखंड खाली हैं। क्षेत्रवासियों का कहना है कि इन भूखंडों की ई-ऑक्शन के माध्यम से बिक्री कर आवासन मंडल राजस्व प्राप्त कर सकता है और कॉलोनी के विकास कार्यों को गति दे सकता है।