रो-रो कर गौ माता बोली, “तुम्हें शर्म नहीं आती”–गौ पुत्र धर्म दास महाराज ने सुनाई राम सत्य घटना!
By Shubh Bhaskar ·
03 Feb 2026 ·
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रो-रो कर गौ माता बोली, “तुम्हें शर्म नहीं आती”–गौ पुत्र धर्म दास महाराज ने सुनाई राम सत्य घटना!
*नागपाल शर्मा माचाड़ी की रिपोर्ट*
(माचाड़ीअलवर):- मथुरा- सम्पूर्ण विश्व में ब्रज धाम जैसा कोई दूसरा धाम नहीं माना जाता। यहां आज भी कलयुग में भगवान श्रीकृष्ण और राधारानी के दिव्य लीला स्थल मौजूद हैं, जहां श्रद्धालु गहरी आस्था रखते हैं। ब्रजवासी गौ रक्षक सेना भारत संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष गौ पुत्र धर्म दास महाराज ने गौ सेवा और सनातन धर्म के महत्व पर प्रकाश डालते हुए भावुक प्रसंग साझा किया।
गौ पुत्र धर्म दास महाराज ने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण का नाम “गोपाल” गौ माताओं की सेवा और संरक्षण के कारण ही पड़ा। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने बाल्यकाल से ही गौ सेवा को अपनाया और गौ माताओं के प्रेम व आशीर्वाद से ही ब्रजवासियों ने उन्हें गोपाल नाम दिया।
उन्होंने वर्तमान समय पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि कलयुग में अधर्म बढ़ने से गौ सेवा की भावना कमजोर होती जा रही है। हालांकि कुछ ब्रजवासी आज भी निस्वार्थ भाव से गौ सेवा में लगे हैं, लेकिन कई लोग गौ सेवा को व्यवसाय बना रहे हैं, जो समाज के लिए चिंताजनक विषय है।
गौ पुत्र धर्म दास महाराज का जन्म भी ब्रजभूमि में हुआ और उन्होंने बचपन से ही गौ सेवा का मार्ग अपनाया। पहले वे ठाकुर धर्म सिंह ब्रजवासी के नाम से जाने जाते थे और पत्रकारिता से जुड़े रहे। वर्ष 2019 में संत समाज से जुड़ने के बाद उनके गुरु स्वामी चंदन दास महाराज ने उनका नाम संत धर्म दास महाराज रखा।
उन्होंने बताया कि खेरागढ़ तहसील के तेहरा गांव स्थित सरकारी गौशाला के संचालन का दायित्व उन्होंने जन अर्धांगिनी फाउंडेशन के माध्यम से संभाला और अकेले ही गौ माताओं की सेवा शुरू की। बाद में स्थानीय प्रशासन और ग्राम पंचायत के अनुरोध पर गौशाला का संचालन ग्राम पंचायत को सौंप दिया। उस समय गौशाला में लगभग 220 गौ माताएं थीं।
महाराज ने बताया कि इसी दौरान एक दिव्य घटना घटी, जिसे उन्होंने अपने गुरु स्वामी चंदन दास महाराज को बताया। इसके बाद अयोध्या पीठाधीश्वर जगतगुरु बालमुकुंदाचार्य महाराज एवं स्वामी चंदन दास महाराज ने 11 जुलाई को उनका नाम “गौ पुत्र धर्म दास महाराज” रखा।
उन्होंने बताया कि आगरा में आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने संकल्प लिया कि जब तक गौ माता को राष्ट्र माता घोषित नहीं किया जाएगा, तब तक वे नंगे पैर रहकर गौ सेवा करेंगे। वर्तमान में वे पूरे देश में गौ माता और सनातन धर्म की सेवा व संरक्षण के लिए कार्य कर रहे हैं।
गौ पुत्र धर्म दास महाराज ने बताया कि आगामी 27 अप्रैल को “गौ सम्मान दिवस” मनाया जाएगा। उन्होंने देशवासियों से अपील की कि प्रत्येक तहसील से राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल और मुख्यमंत्रियों को ज्ञापन सौंपकर गौ माता को राष्ट्र माता घोषित करने की मांग उठाएं।
उन्होंने कहा कि मनुष्य जीवन अत्यंत दुर्लभ है, इसलिए समाज को धर्म, गौ सेवा और संतों की सेवा के कार्यों में सहयोग करना चाहिए।