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बिना गंगा स्नान प्रयागराज से प्रस्थान पर सनातन धर्म का अपमान। जगतगुरु शंकराचार्य प्रकरण,संत समाज में रोष।

By Shubh Bhaskar · 29 Jan 2026 · 101 views
बिना गंगा स्नान प्रयागराज से प्रस्थान पर सनातन धर्म का अपमान।
जगतगुरु शंकराचार्य प्रकरण,संत समाज में रोष।

*नागपाल शर्मा माचाड़ी की रिपोर्ट*

*नागपाल शर्मा माचाडी की रिपोर्ट*

(माचाड़ीअलवर):-प्रयागराज-
माघ मास मेले के दौरान ज्योतिष पीठाधीश्वर जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज के साथ हुई कथित प्रशासनिक अव्यवस्था और दुर्व्यवहार को लेकर देशभर के संत समाज एवं सनातन धर्मावलंबियों में भारी रोष व्याप्त है। गंगा स्नान के बिना ही जगतगुरु शंकराचार्य का प्रयागराज से प्रस्थान सनातन परंपराओं के अपमान के रूप में देखा जा रहा है।
उल्लेखनीय है कि माघ मास मेला ०3 जनवरी से प्रयागराज में प्रारंभ हुआ था। महापर्व के अवसर पर ज्योतिष पीठ के जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज अपने शिष्यों, संतों एवं ब्राह्मणों के साथ गंगा स्नान हेतु प्रयागराज पधारे थे। सनातन मान्यताओं के अनुसार आदिशंकराचार्य द्वारा स्थापित चारों पीठों का विशेष महत्व है और जगतगुरु शंकराचार्य के दर्शन को स्वयं भगवान शिव के दर्शन के समकक्ष माना जाता है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार जब जगतगुरु शंकराचार्य अपने काफिले के साथ पालकी में सवार होकर गंगा स्नान के लिए अग्रसर हो रहे थे, उसी दौरान कथित रूप से पुलिस-प्रशासन द्वारा उन्हें रोका गया। आरोप है कि इस दौरान उनके शिष्यों एवं संतों के साथ बल प्रयोग किया गया, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई। इस घटनाक्रम से आहत होकर जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज ने वहीं अनशन प्रारंभ कर दिया। यह समाचार देशभर में तेजी से फैल गया। इसके पश्चात मेला प्राधिकरण की ओर से नोटिस जारी कर उनसे शंकराचार्य होने के प्रमाण मांगे जाने की जानकारी भी सामने आई। निर्धारित समय में वकीलों द्वारा सभी आवश्यक प्रमाण प्रस्तुत किए गए तथा देश की अन्य पीठों के शंकराचार्यों ने भी समर्थन प्रकट किया।
दिनांक 28 जनवरी को जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज ने अपना अनशन समाप्त कर प्रयागराज से प्रस्थान किया। इस दौरान उन्होंने गौ माता को राष्ट्र माता घोषित किए जाने के अपने अभियान को निरंतर जारी रखने की बात कही। इसी क्रम में ब्रजवासी गौ रक्षक सेना भारत संगठन द्वारा देशभर में गौ माता एवं सनातन धर्म की सेवा और रक्षा का अभियान चलाया जा रहा है। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष गौ पुत्र धर्म दास महाराज ने सह राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी नागपाल शर्मा माचाड़ी को बताया कि गौ माता को राष्ट्र माता घोषित करने के उद्देश्य से संगठन के पदाधिकारी एवं गौ रक्षक लगातार विभिन्न राज्यों में जनजागरण, पदयात्रा एवं ज्ञापन कार्यक्रम कर रहे हैं।
संत समाज का कहना है कि वेदों और पुराणों में वर्णित सनातन परंपराओं का सम्मान सुनिश्चित किया जाना चाहिए तथा भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए शासन-प्रशासन को संवेदनशीलता के साथ कार्य करना चाहिए।

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