42वें दिन श्रीकृष्ण की शरण में पहुँची “सनातन हिन्दू जोड़ो भारत संकल्प सायकल यात्रा”।
By Shubh Bhaskar ·
29 Jan 2026 ·
139 views
42वें दिन श्रीकृष्ण की शरण में पहुँची
“सनातन हिन्दू जोड़ो भारत संकल्प सायकल यात्रा”।
गौ माता को राष्ट्र माता बनाने का संकल्प लेकर सज्जन तिवारी पहुँचे मथुरा नगरी।
*नागपाल शर्मा माचाड़ी की रिपोर्ट*
(माचाड़ीअलवर):- मथुरा- बृजवासी गौ रक्षक सेना भारत संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष गौपुत्र संत धर्मदास महाराज ने बृजवासी गौ रक्षक सेना भारत संघ के राष्ट्रीय सहमीडिया प्रभारी नागपाल शर्मा को बताया कि जब संकल्प सत्य हो और उद्देश्य धर्म से जुड़ा हो,तब मार्ग स्वयं प्रशस्त होते चले जाते हैं। ऐसा ही दिव्य और प्रेरणादायक दृश्य उस समय देखने को मिला, जब गौ माता की रक्षा, सनातन धर्म के उत्थान एवं संत समाज के सम्मान का संकल्प लेकर निकली “सनातन हिन्दू जोड़ो भारत संकल्प सायकल यात्रा” अपने 42वें दिन द्वारकाधीश भगवान श्रीकृष्ण की जन्मभूमि मथुरा पहुँची।
यह यात्रा केवल एक सायकल यात्रा नहीं, बल्कि सनातन चेतना की जागृति और राष्ट्र धर्म के प्रति समर्पण का जीवंत प्रतीक बन चुकी है। यह यात्रा 16 दिसंबर 2025 को मध्य प्रदेश के रीवा जिले स्थित पावन धाम अतरैला दिनोधर शिव मंदिर से प्रारंभ हुई थी। यात्रा का शुभारंभ नरसिंह दास महाराज की कृपा, बागेश्वर बालाजी महाराज के आशीर्वाद, माँ अन्नपूर्णा, द्वारानाथ स्वामी जी की कृपा, माता-पिता के! आशीर्वाद तथा नरसिंह भगवान सेवा समिति के मार्गदर्शन में हुआ।
लगभग 4000 किलोमीटर की इस कठिन, तपस्वी एवं ऐतिहासिक सायकल यात्रा का नेतृत्व कर रहे हैं
ब्रजवासी गौ रक्षक सेवा संगठन के मध्य प्रदेश अध्यक्ष एवं प्रदेश प्रवक्ता, गौ सेवक सज्जन तिवारी,जो तन-मन-धन से गौ माता को राष्ट्र माता का दर्जा दिलाने और सनातन हिन्दुओं को एक सूत्र में जोड़ने के लिए निरंतर आगे बढ़ रहे हैं।
मथुरा पहुँचते ही यात्रा दल को द्वारकाधीश यशोदानंदन भगवान श्रीकृष्ण के चरणों में शीश नवाने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। अश्रुपूरित नेत्रों से भगवान श्रीकृष्ण से गौ माता की रक्षा, सनातन धर्म की विजय एवं संत समाज के सम्मान हेतु हृदय से प्रार्थना की गई। ऐसा प्रतीत हुआ मानो स्वयं श्रीकृष्ण इस संकल्प यात्रा को अपना आशीर्वाद प्रदान कर रहे हों।
इसके पश्चात यात्रा वृंदावन पहुँची, जहाँ सनातन धर्म के ओजस्वी प्रचारक भागवत आचार्य गुरुदेव अनिरुद्धाचार्य जी महाराज से आत्मीय भेंट एवं सारगर्भित संवाद हुआ। सनातन संस्कृति, गौ रक्षा और राष्ट्र धर्म पर विचार-विमर्श के दौरान महाराज श्री ने “राधे-राधे” अंकित अंगवस्त्र भेंट कर यात्रा को सम्मानित किया, जो यात्रियों के लिए एक दिव्य प्रेरणा बन गया।
यह संकल्प यात्रा आगामी ०4 से ०5 दिनों तक वृंदावन में प्रवास करेगी, जहाँ पूज्य देवकीनंदन प्रेमानंद महाराज जी सहित अनेक संत समाजों से आशीर्वाद प्राप्त कर यात्रा के उद्देश्यों को जन-जन तक पहुँचाने का कार्य किया जाएगा।
आज “सनातन हिन्दू जोड़ो भारत संकल्प सायकल यात्रा” केवल सड़कों पर नहीं चल रही, बल्कि यह हिन्दू हृदयों में प्रवाहित हो रही है और गौ माता के सम्मान व सनातन धर्म की रक्षा का सशक्त उद्घोष बन चुकी है।