ईरान की हिंसा में अब तक 16 हजार से ज्यादा मुसलमान मारे गए। तीन लाख जख्मी हुए। हुती हमास हिज्बुल्लाह भी खामेंनेई की मदद को नहीं आए
गलत पढ़ाया जाता है हमें कि हम बंदर और वनमानुष की औलाद है।
खाना में गंदगी
पाकिस्तान कैसे बना