ईरान की हिंसा में अब तक 16 हजार से ज्यादा मुसलमान मारे गए। तीन लाख जख्मी हुए। हुती हमास हिज्बुल्लाह भी खामेंनेई की मदद को नहीं आए
By Shubh Bhaskar ·
19 Jan 2026 ·
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ईरान की हिंसा में अब तक 16 हजार से ज्यादा मुसलमान मारे गए। तीन लाख जख्मी हुए।
हुती हमास हिज्बुल्लाह भी खामेंनेई की मदद को नहीं आए
सुनील कुमार मिश्रा बद्री दैनिक शुभ भास्कर ईरान के शासक और धार्मिक नेता खामेनेई के विरुद्ध जो प्रदर्शन हो रहे हैं ईरान से खामेंनेई को भागना पड़ेगा उसमें अब तक 16 हजार से ज्यादा मुसलमान मारे गए हैं। ईरान के डॉक्टरों का कहना है कि तीन लाख से ज्यादा ईरानी नागरिक जख्मी हुए हैं। सवाल उठता है कि मुस्लिम देश ईरान में पिछले कुछ दिनों की हिंसा में जो 16 हजार मुसलमान मारे गए हैं और जो तीन लाख ईरानी नागरिक जख्मी हुए है उसका जिम्मेदार कौन है? मौजूदा समय में कट्टरपंथी धार्मिक नेता खामेनेई ईरान का शासन चला रहे हैं, लेकिन ईरान के आम नागरिक सरकार की पाबंदियों को पसंद नहीं कर रहे हैं। सरकार की नीतियों के विरोध में ही आम मुसलमान प्रदर्शन कर रहा है। प्रदर्शन को कुचलने के लिए ही सरकार की ओर से गोलियां चलाई जा रही है। पुलिस की इस गोलाबारी में ही लोग मरे और जख्मी हो रहे हैं। सरकार के दमन की जानकारियां ईरान से बाहर न जाए इसके लिए मीडिया पर पूरी तरह पाबंदी लगा दी गई है तथा इंटरनेट भी बंद कर दिया गया है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कई बार कह चुके हैं कि जल्द ही प्रदर्शनकारियों की मदद की जाएगी, लेकिन अभी तक भी अमेरिका का ईरान में हस्तक्षेप नहीं हुआ है। इसलिए खामेनेई सरकार का दमन नागरिकों पर बढ़ता जा रहा है। ईरान के मामले में भारत की भूमिका अभी तक तटस्थ बनी हुई है, लेकिन भारत चाहता है कि ईरान के मुसलमानों पर अत्याचार न हो। दुनिया में भारत मुसलमान के लिए एक उदाहरण है। भारत में 25 करोड़ से भी ज्यादा मुसलमान रहते हैं जो दुनिया के किसी भी मुस्लिम देश से ज्यादा है। भारत में मुसलमान पूरे मान सम्मान और सुरक्षा के साथ रहते हैं। सौ करोड़ हिंदुओं वाले भारत में मुसलमानों के साथ कोई भेदभाव नहीं किया जाता।