RTU में राष्ट्रीय युवा दिवस पर स्वदेशी संकल्प दौड़ और व्याख्यान का आयोजन*
By Shubh Bhaskar ·
12 Jan 2026 ·
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*RTU में राष्ट्रीय युवा दिवस पर स्वदेशी संकल्प दौड़ और व्याख्यान का आयोजन*
कोटा | राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय (RTU) में सोमवार को स्वामी विवेकानंद जी की 164वीं जयंती एवं राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर विवेकानंद स्टडी सर्किल एवं राष्ट्रीय कैडेट कोर द्वारा “स्वदेशी संकल्प दौड़ – Run for Swadeshi” और विषय-व्याख्यान का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों, एनसीसी कैडेट्स, संकाय सदस्यों एवं अधिकारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिससे परिसर में युवा ऊर्जा और स्वदेशी संकल्प का उत्साह दिखाई दिया।
कार्यक्रम की शुरुआत दोपहर 3 बजे विवेकानंद प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर, अगोरा से स्वदेशी संकल्प दौड़ के साथ हुई। दौड़ से पहले स्वदेशी जागरूक एवं नशा मुक्ति की शपथ दिलाई गई।
दौड़ विश्वविद्यालय परिसर में अगोरा से वी सी सचिवालय तक निकाली गई। दौड़ के दौरान छात्रों ने स्वदेशी, राष्ट्रप्रेम और आत्मनिर्भरता से जुड़े नारों के माध्यम से समाज में जागरूकता का संदेश दिया। कई प्रतिभागियों ने कहा कि भारत में आत्मनिर्भरता और स्वदेशी आंदोलन युवाओं की शक्ति से ही सशक्त हो सकता है ।स्वदेशी संकल्प दौड़ में छात्र वर्ग में आशु सिंह ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि अंकित कुमावत द्वितीय और आशीष सिंह तृतीय स्थान पर रहे। वहीं छात्राओं की श्रेणी में वैदेही नागदा ने प्रथम, परल ने द्वितीय तथा देवांशी गर्ग ने तृतीय स्थान प्राप्त कर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।
दौड़ के पश्चात वी सी सचिवालय कॉन्फ़्रेंस हॉल में विषय-व्याख्यान रखा गया, जिसका मुख्य विषय स्वामी विवेकानंद के विचारों की समकालीन प्रासंगिकता और स्वदेशी-चेतना रहा ।
मुख्य वक्ता श्रीमान योगेन्द्र जी (सह-सम्पर्क प्रमुख, राजस्थान क्षेत्र, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ) ने युवाओं से कहा कि “देश की प्रगति के केंद्र में युवा हैं और स्वामी विवेकानंद के विचार आज भी मार्गदर्शक शक्ति की तरह हैं। स्वदेशी न केवल आर्थिक विचार है, बल्कि मानसिक और सांस्कृतिक स्वतंत्रता का भी भाव है।”
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो. निर्मित चौधरी ने कहा कि “राष्ट्रीय युवा दिवस केवल स्मरण का दिवस नहीं, बल्कि आत्मावलोकन और आत्मनिर्माण का अवसर है। विवेकानंद ने युवाओं की क्षमता को पहचानने पर जोर दिया, आज आवश्यकता है कि युवा अपने सपनों को देश की दिशा से जोड़ें।”
कार्यक्रम के संयोजक एवं अकादमिक अफेयर्स के अधिष्ठाता डॉ. आनंद चतुर्वेदी ने कहा कि “युवाओं में स्वामी विवेकानंद के विचारों को जीवंत रखने और राष्ट्रीय चेतना को मजबूत करने के लिए ऐसे आयोजन आवश्यक हैं। दौड़ और व्याख्यान दोनों ने छात्रों में नया उत्साह और दृष्टिकोण पैदा किया।