सिलीबेरी गेट खोलने की मांग तेज, सैकड़ों ग्रामीणों की बैठक। *चेतावनी*: मांग नहीं मानी तो होगा बड़ा आंदोलन, प्रशासन को सौंपे ज्ञापन।
By Shubh Bhaskar ·
18 Apr 2026 ·
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सिलीबेरी गेट खोलने की मांग तेज, सैकड़ों ग्रामीणों की बैठक।
*चेतावनी*: मांग नहीं मानी तो होगा बड़ा आंदोलन, प्रशासन को सौंपे ज्ञापन।
*नागपाल शर्मा माचाड़ी की रिपोर्ट*
(माचाड़ीअलवर):-मालाखेडा़- मालाखेडा उपखंड क्षेत्र की ग्राम पंचायत बालेटा स्थित घसेंडी बाबा मंदिर परिसर में शनिवार को सैकड़ों ग्रामीणों की मौजूदगी में एक बड़ी बैठक आयोजित की गई। बैठक में सरिस्का टाइगर रिजर्व के अंतर्गत आने वाले सिलीबेरी नाका (बालेटा रेंज, अकबरपुर) स्थित प्रवेश द्वार को खोलने की मांग को लेकर जोरदार आवाज उठाई गई। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते गेट नहीं खोला गया तो व्यापक आंदोलन किया जाएगा।
*बालेटा सरपंच हजारीलाल मीणा* ने बताया कि सिलीबेरी गेट वर्षों से ग्रामीणों का मुख्य मार्ग रहा है, जिसे वर्तमान में बंद कर दिया गया है। इस संबंध में कई बार सरिस्का प्रशासन को अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अब तक कोई सकारात्मक कार्यवाही नहीं हुई। उन्होंने कहा कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन अपरिहार्य होगा।
ग्रामीणों ने बताया कि यह मार्ग प्राचीन समय से पांडुपोल हनुमान जी के दर्शन के लिए उपयोग में लिया जाता रहा है। गेट बंद होने से श्रद्धालुओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने मांग रखी कि कम से कम शनिवार और मंगलवार को दोपहिया वाहनों के लिए गेट खोला जाए, अन्यथा जिला कलेक्टर को ज्ञापन देकर बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
पूर्व सरपंच इंद्र मीणा ने प्रशासन पर नाराजगी जताते हुए कहा कि पहले भी दो बार ज्ञापन दिए जा चुके हैं और हाल ही में अकबरपुर रेंज के रेंजर को भी ज्ञापन सौंपा गया है, लेकिन अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई। उन्होंने बताया कि पांडुपोल की दूरी बालेटा से मात्र 10 किलोमीटर है, जबकि अन्य मार्ग से जाने पर करीब 60 किलोमीटर का लंबा चक्कर लगाना पड़ता है।
श्रद्धालुओं ने सरिस्का कर्मचारियों पर लापरवाही और तानाशाही का आरोप लगाते हुए कहा कि स्थानीय लोगों को ही अपने धार्मिक स्थल तक जाने से रोका जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द रास्ता नहीं खोला गया तो आंदोलन उग्र हो सकता है, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
*महावीर प्रसाद चौधरी* ने भी गेट खुलवाने के प्रयासों का जिक्र करते हुए कहा कि कई बार ज्ञापन देने के बावजूद कोई कार्यवाही नहीं हुई। उन्होंने कहा कि यदि मांग नहीं मानी गई तो आंदोलन की गूंज पूरे राजस्थान ही नहीं, देशभर में सुनाई देगी।
इस मामले में *अकबरपुर रेंज के रेंजर हेमेंद्र सिंह* ने बताया कि गेट को सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के तहत बंद किया गया है। उन्होंने कहा कि उच्च स्तर से अनुमति मिलने के बाद ही इसे खोला जा सकता है। साथ ही उन्होंने आश्वासन दिया कि ग्रामीणों का ज्ञापन उच्च अधिकारियों तक भेज दिया गया है और जैसे ही कोई निर्देश प्राप्त होंगे, ग्रामीणों को अवगत कराया जाएगा।
बैठक में आसपास के गांवों के बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे और सभी ने एकजुट होकर शीघ्र समाधान की मांग दोहराई।