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कलश यात्रा के साथ नंगेंश्वर धाम में सजा भव्य मेला, उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़।

By Shubh Bhaskar · 17 Apr 2026 · 8 views
कलश यात्रा के साथ नंगेंश्वर धाम में सजा भव्य मेला, उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़।

*नागपाल शर्मा माचाड़ी की रिपोर्ट*

(माचाड़ीअलवर):- प्राचीन काल में अलवर जिले की राजधानी रहे माचाड़ी कस्बे स्थित नंगेंश्वर धाम आश्रम में शुक्रवार, 17 अप्रैल 2026 को श्रीमहंत श्री श्री 108 श्रीमहंत माधव दास महाराज के सानिध्य में कलश यात्रा के साथ भव्य मेले का आयोजन किया गया। इस अवसर पर क्षेत्रभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर धार्मिक आस्था का परिचय दिया।
श्रीमहंत माधव दास महाराज ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रातः 551 महिलाओं ने सिर पर कलश धारण कर डीजे की धुन पर नंगेंश्वर धाम आश्रम से कलश यात्रा का शुभारंभ किया। यात्रा नंगेंश्वर चौराहा, रैणी चौराहा, बस स्टैंड एवं मुख्य बाजार सहित कस्बे के प्रमुख मार्गों से होती हुई पुनः आश्रम पहुंची। यात्रा के दौरान जगह-जगह श्रद्धालुओं ने शरबत व पानी से स्वागत किया।
आश्रम पहुंचने पर ध्वजा चढ़ाकर प्रसाद वितरण किया गया, जिसके बाद मेले का विधिवत शुभारंभ हुआ। मेले में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। श्रद्धालुओं ने नंगेंश्वर बाबा की परिक्रमा कर ढोक लगाई तथा परिवार, समाज और देश की सुख-समृद्धि की कामना की। इस दौरान गौमाता को ‘राष्ट्र माता’ घोषित किए जाने की मांग भी उठाई गई।
मेले में आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से आए महिला-पुरुषों और बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। बच्चों ने चाट-पकौड़ी सहित विभिन्न व्यंजनों का आनंद लिया और जरूरत की वस्तुओं की खरीदारी की। मेले में सजी दुकानों और झूलों ने विशेष आकर्षण का केंद्र बनाया। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए जगह-जगह शरबत-पानी की प्याऊ भी लगाई गई।
इस अवसर पर फरीदाबाद के अटाली गांव से आए मनेंद्र कालीरमन, राहुल कालीरमन और मनोज कालीरमन सहित अनेक श्रद्धालुओं ने श्रीमहंत माधव दास महाराज, चेला महंत श्याम दास महाराज एवं भगवान दास महाराज के चरण स्पर्श कर आशीर्वाद प्राप्त किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिला, पुरुष एवं बच्चे उपस्थित रहे।
व्यवस्थाओं को लेकर उठे सवाल
मेला स्थल के सामने स्थित मंदिर माफी भूमि पर अवैध निर्माण और दुकानों के कारण मेले के आयोजन में बाधाएं उत्पन्न होने की बात भी सामने आई। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि प्रशासन की अनदेखी के चलते मंदिर की भूमि पर कब्जा कर दुकानों का निर्माण किया गया है, जिससे श्रद्धालुओं को असुविधा हो रही है।ओर दुकानदारों ने दुकाने सड़क किनारे लगा रखी है जिससे दुर्घटना की आशंका बनी हुई है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि मंदिर माफी भूमि को पुनः मंदिर के नाम दर्ज कर सुरक्षित किया जाए तथा भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं पर रोक लगाई जाए, ताकि मेले का आयोजन सुचारु रूप से हो सके।

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