आयुक्त डीआईपीआर को पत्रकारों की समस्याओं के निराकरण के संबंध में सौंपा ज्ञापन अतिरिक्त निदेशक सुश्री नर्मदा इंदौरिया जी ने पत्रकारों के हित में तत्काल निराकरण के लिए दिए निर्देश
By Shubh Bhaskar ·
15 Apr 2026 ·
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आयुक्त डीआईपीआर को पत्रकारों की समस्याओं के निराकरण के संबंध में सौंपा ज्ञापन
अतिरिक्त निदेशक सुश्री नर्मदा इंदौरिया जी ने पत्रकारों के हित में तत्काल निराकरण के लिए दिए निर्देश
आयुक्त डीआईपीआर को पत्रकारों की समस्याओं के निराकरण के संबंध में सौंपा ज्ञापन
अतिरिक्त निदेशक सुश्री नर्मदा इंदौरिया जी ने पत्रकारों के हित में तत्काल निराकरण के लिए दिए निर्देश
सादर प्रकाशन हेतु
आयुक्त डीआईपीआर को पत्रकारों की समस्याओं के निराकरण के संबंध में सौंपा ज्ञापन
अतिरिक्त निदेशक सुश्री नर्मदा इंदौरिया जी ने पत्रकारों के हित में तत्काल निराकरण के लिए दिए निर्देश
कार्यालय संवाददाता
जयपुर , वॉइस ऑफ़ मीडिया के प्रदेश अध्यक्ष गोपाल गुप्ता के नेतृत्व में आज दिनांक 15. 4. 2026 को शासन सचिवालय में पत्रकारों की समस्याओं को लेकर ज्ञापन सौंपा सूचना जनसंपर्क विभाग की अतिरिक्त निदेशक सुश्री नर्मदा इंदौरिया जी को दिया गया जिन्होंने ज्ञापन स्वीकार करते हुए पत्रकारों की मांगों के संबंध में शीघ्र उचित कार्रवाई किए जाने का आश्वासन दिया। वर्तमान समय में पत्रकारों को काफी समस्याओं और परेशानियों से गुजरना पड़ रहा है। जिससे पत्रकार वर्ग काफी आहत है। सभी समस्याओं को लेकर ज्ञापन प्रस्तुत किया जिसमें
सरकार द्वरा लघु दैनिक एवं साप्ताहिक / पाक्षिक समाचार पत्रों की विज्ञापन दर डीपीआर दर विगत 15 वर्षों से यथावत जारी है जों कि बहुत ही शून्य है से अवगत कराया गया था जबकि इसमें कोई वृद्धि
नहीं हुई है। भारत सरकार डीएवीपी द्वारा समाचार पत्रों की दर में 5 बार वृद्धि कर दी गई है। उस
वृद्धि के अनुसार राजस्थान सरकार की विज्ञापन दर भी जारी की जाती रही है और वर्तमान में भी
दिल्ली से रिवाईज रेट आने पर राजस्थान सरकार द्वारा डीएवीपी से पैनलबंध अखबारों की विज्ञापन दर में वृद्धि कर दी गई हैं ।राजस्थान सरकार द्वारा विगत 15 वर्ष में जो समाचार पत्र डीपीआर द्वारा स्वीकृत है उनकी दर
में कोई भी संशोधन एवं वृद्धि नहीं हो रही है। इसी के साथ जनवरी 2025 में पत्र देकर अवगत करवाया पत्रकारों के हित में किया गया था ताकि डीएवीपी से स्वीकृत समाचार पत्रों के अनुसार
राजस्थान सरकार से स्वीकृत होने वाले समाचार पत्रों की दर उक्त दरों के अनुसार किया जावे व पत्रकारों के अधिस्वीकृति के संबंध में किसी प्रकार का पुलिस नोटिस मामूली प्रकरण में दिए जाने के बाद उसके अधीस्वीकरण पत्र बनाए जाने की फाइल में रिमार्क लगाकर अधिकरण फाइल को पत्रकार के खिलाफ मुकदमा दर्ज होना बताकर रोक दिया जाता है। जबकि केवल नोटिस या एफ आई आर दर्ज होना यह साबित नहीं करता है कि पत्रकार दोषी है।जब तक माननीय न्यायालय द्वारा दर्ज मुकदमे में पत्रकार को दोषी करार नहीं दिया जाता तब तक पत्रकार के आवेदन पत्र व अधिस्वीकरण की कार्रवाई नहीं रोकी जाए ज्ञापन की मांगों को ध्यान में रखते हुए अतिरिक्त निदेशक इंदौरिया जी द्वारा लेटर को मार्क करते हुए उपनिदेशक पंजीयन अजय कुमार जी को प्रकरण में कार्रवाई हेतु उचित निर्णय व पत्रावली चलाई जाने हेतु लिखा गया है। जिस पर उपनिदेशक पंजीयन शर्मा द्वारा पत्रकारों को पूर्णतया आस्वसत किया कि आपकी मांगे उचित है। और शीघ्र आपके ज्ञापन पर कार्रवाई करते हुए राहत प्रदान की जाएगी।