ShubhBhaskar
SHUBHBHASKAR
E Paper

दशा माता की पूजा के लिए सुहागिन महिलाओं ने रखा व्रत : पीपल की परिक्रमा कर सूत का डोरा बांधा, कथा सुनी

By Shubh Bhaskar · 13 Mar 2026 · 282 views
दशा माता की पूजा के लिए सुहागिन महिलाओं ने रखा व्रत : पीपल की परिक्रमा कर सूत का डोरा बांधा, कथा सुनी


दैनिक शुभ भास्कर राजस्थान चित्तौड़गढ़ कैलाश चंद्र सेरसिया

चैत्र कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि शुक्रवार को दशा माता का पर्व परंपरागत श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया । इधर, राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले में महिलाओं ने सामूहिक रूप से विधि-विधान से दशा माता की पूजा अर्चना की और अपने परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की ।

महिलाओं ने की सुख समृद्धि की कामना

सुबह से ही महिलाएं पारंपरिक परिधान में सज-धजकर पीपल वृक्ष के नीचे एकत्र हुईं और पीपल वृक्ष की दस बार परिक्रमा की और कच्चे सूत का धागा लपेटकर पूजन किया । महिलाओं ने पीपल के वृक्ष पर कुमकुम, हल्दी और मेहंदी अर्पित की, साथ ही चुनरी ओढ़ाकर आटे व हल्दी से बनी सोलह श्रृंगार की सामग्री भेंट की और दशा माता से परिवार की सुख समृद्धि की कामना की । इस दौरान महिलाओं ने गले में शुभता का प्रतीक धागा पहना और नल-दमयंती की कथा का श्रवण किया ।
कच्चा सूत बांधकर 10 बार की पीपल वृक्ष की परिक्रमा

चैत्र महीने की दशमी पर सुहागिन महिलाएं दशा माता का व्रत रखती हैं। यह व्रत खासतौर पर घर की दशा ठीक होने के लिए किया जाता है । इस दिन महिलाएं कच्चे सूत का डोरा लाकर डोरे की कहानी कहती है और पीपल की पूजा कर 10 बार पीपल की परिक्रमा कर उस पर सुत लपेटती है । दशा माता को मां पार्वती का स्वरूप माना जाता है । चैत्र कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि को पीपल, नीम और बरगद के त्रिवेणी स्वरूप की पूजा का विशेष महत्व होता है।

नल-दमयंती कथा का विशेष महत्व

इस मौके पर नल–दमयंती की अनोखी प्रेम कथा सुनाई जाती है। वहीं चित्तौड़गढ़ जिले में बड़ी संख्या में महिलाओं ने नल-दमयंती की कथा का श्रवण किया । कहा जाता है कि जो भक्त चैत्र कृष्ण दशमी तिथि को दशा माता का व्रत और पूजन करता है, उसकी घर से दरिद्रता दूर चली जाती है । बता दें कि पीपल वृक्ष के सामने पूजा-अर्चना करने के बाद महिलाओं ने घर पहुंचकर दरवाजे के सामने छापे लगाकर पूजा अर्चना की । इस अवसर पर सौभाग्यवती महिलाओं के लिए मंगल कामना की गई और बुजुर्ग महिलाओं का आशीर्वाद लिया गया। विधिवत रूप से दशामाता का डोरा खोलकर शारीरिक स्वास्थ्य, मानसिक शांति और आर्थिक समृद्धि की प्रार्थना की गई। कुछ महिलाओं ने सुहागिनों को भोजन कराकर दशामाता का उद्यापन संपन्न किया।

More News

सोमवती अमावस्या पर आज शहर में होंगे कई धार्मिक कार्यक्रम, श्रद्धालुओं द्वारा किया जाएगा जमकर दान-पुण्य
पीपाड शहर में महेश नवमी 23 जून को निकलेगी भव्य शोभायात्रा
पत्रकारिता के 30 वर्षों की साधना को मिला सम्मान, मोहम्मद हुसैन डायर को मानद डॉक्टरेट उपाधि जनसरोकारों की पत्रकारिता का सम्मान, डॉ. मोहम्मद हुसैन डायर को मिली मानद डॉक्टरेट
पार्टी कार्यकर्ता ही संगठन की धूरी है - चौधरी पूर्व चिकित्सा मंत्री राजेन्द्र चौधरी ने ग्रामीण क्षेत्रों का किया दोरा।
सिलारी में तीन दिवसीय ‘भुआसा - बाईसाराज स्नेह मिलन समारोह’ का भव्य आयोजन
भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी, जिला शाखा उदयपुर* # सत्र 2026-2029 हेतु नवीन कार्यकारिणी का निर्वाचन सम्पन्न
Share News

WhatsApp

X

Facebook

Telegram

Instagram

YouTube